मकारासन इति किम् १
मकारासन 1. मकार' का अर्थ है 'मकर'। यह करते हुए आसन शरीर 'मकर' के आकार के समान होता है, अतः इसे मकरसन के नाम से जाना जाता है।
यह सवासन जैसे आरामदायी आसन भी माना जाता...
मज्रासन इति किम्
मज्रासनम् Cat Pose अथवा मज्रासन भवन्तं स्वकेन्द्रात् गतिं आरभ्यतुं तथा च गतिं श्वसनं च समन्वययितुं शिक्षयति।
आसन अभ्यास में ये दो महत्वपूर्ण विषय हैं।
इति अपि ज्ञातव्यम्: बिल्ली मुद्रा, बिल्ली मुद्रा, मजरा आसन, मजर आसन
इस आसन को...
कुर्मासन इति किम्
कुर्मासनः इदं आसनं कूर्म इव दृश्यते अतः इदं कूर्ममुद्रा इति उच्यते । संस्कृत में ‘कुरमा’ का अर्थ कूर्म है that’s why it is called kurmasana also.
इति अपि ज्ञातव्यम्: कछुआ मुद्रा, कच्छुआ या कचुआ आसन, कुर्म...
जानु सिरसासन इति किम्
जानु सिरसासन जानु अर्थात् जानु तथा सिरश अर्थात् शिरः। जानु सिरसासन गुर्दे क्षेत्र को खिंचने के लिए एक अच्छा मुद्रा है जो पश्चिमोत्तनासन से भिन्न प्रभाव प्रदान करता है।
यह आसन सभी स्तरों के छात्रों के...
कोनासन इति किम् १
कोनासन 1 आसनं बाहुपादाभ्यां कोणाकारं भवति । अतः इसे कोनासन कहते हैं।
इस आसन में तलवार एवं पाड़ियों को भूमि पर दृढ़ता से स्थिर करके तुला बनाये रखा जाता है।
इति अपि ज्ञातव्यम्: कोण मुद्रा, रिवर्स...
हस्तपादासन इति किम्
हस्तपादासनः हस्तपादासन द्वादश मूल आसनों में से एक है। उन्नत आसनों का प्रयोग करने से पहले आप इस मुद्रा एवं उसके भिन्नताओं में निपुण होना चाहिए।
इति अपि ज्ञातव्यम्: Hand to Foot Pose, Foot to hand...