उष्ट्रासन इति किम्
उष्ट्रासनम् “उष्ट्र” शब्दः “उष्ट्र” इति निर्दिशति । इस आसन में शरीर उष्ट्र के कण्ठ के समान होता है, इसीलिए इसे 'उष्ट्रासन' कहा जाता है।
इति अपि ज्ञातव्यम्: ऊंट मुद्रा, उस्त्रासन, उन्त या उंथ मुद्रा, उस्त्र या...
उपविष्ट कोनासन इति किम्
उपविष्ट कोनासन संस्कृत में उपविष्ट का अर्थ बैठा या बैठा, कोना अर्थात् कोण तथा आसन अर्थात् मुद्रा। उपविष्ट-कोनासन का अनुवाद बैठा कोण मुद्रा में होता है।
आङ्ग्लभाषायां एतत् अग्रे मोचनमुद्रणं प्रायः "Wide Angle Forward Bend" इति...
उधर्व तादासन इति किम्
उधर्व तादासन यह आसन तदासन के बराबर है पर यह आसन हाथों को ऊपर की ओर जोड़ा जाएगा।
इति अपि ज्ञातव्यम्: उद्धव तादासन, साइड पर्वत मुद्रा, साइड मोड़ मुद्रा, उधर्व तादा आसन, उधर्व तड आसन
इस...
तिरियाक पश्चिमोत्तनासन इति किम्
तिरियाक पश्चिमोत्तनासन यह आसन एक प्रकार का है जो पार कर हाथों से आगे झुकना है। अस्मिन् आसने वामहस्तः दक्षिणपादं स्पृशति तद्विपरीतम्।
इति अपि ज्ञातव्यम्: तिर्यक-पश्चिमोतानसन, क्रॉस बैक-स्ट्रेचिंग मुद्रा, वैकल्पिक/ पार बैठा आगे मोड़ मुद्रा,...