विरासन इति किम् २
विरासन 2. वीरः शूरः इत्यर्थः । जिस प्रकार शूर पुरुष अपने शत्रु पर आक्रमण करते समय स्थिति ग्रहण करता है, इसी आसन में भी इसी तरह की स्थिति बनती है, अतः इसे विरासन कहा जाता है।
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विरासन इति किम् १
विरासन 1. नायक योग मुद्रा मूलभूत आसन मुद्राओं में से एक है, ध्यान के लिए भी उत्तम।
ऊर्ध्वपादों एवं जानुओं का आन्तरिक परिभ्रमण कमल योग मुद्रा में सम्मिलित गति के विपरीत होता है; तथा च कमलस्य...
वक्रसन इति किम्
वक्रासनम् इस आसन में शरीर के ऊपरी भाग को पूर्णतः परिवर्तित एवं विवर्तित होता है। मेरुदण्डः हस्तस्नायुः पादौ पृष्ठं च तनम् ।
इति अपि ज्ञातव्यम्: मोड़ मुद्रा, मोड़ मुद्रा, वक्र आसन, वक्र आसन
इस आसन को कैसे...
उत्तान मण्डुकसन इति किम्
उत्तान मण्डुकसन मण्डूक संस्कृत में मण्डूक का अर्थ है। उत्तान-मण्डुकासने शरीर उद्धृत मण्डूक समान है इसीलिए इसे 'उत्तन-माण्डुकसन' कहते हैं।
इति अपि ज्ञातव्यम्: विस्तारित मेंढक मुद्रा, खिंचाव मेंढक मुद्रा, उतान-मण्डूक-आसन, उतान या उत्तान-माण्डुक-आसन
इस आसन को...